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YEARS

About Us

12 Years of Social Commitment and People’s Struggle

This is not merely the story of a political organization. It is the collective voice of hardworking people who have struggled the most within society and the system, yet remained the least represented. For the past 12 years, the “Shramik Utthan Evam Samajik Kalyankari Association” has worked continuously for the rights, dignity, and social welfare of:

  • Work before the party's inception...
  • 2014 Gas cylinders during the tenure of Manmohan Singh government.
  • 2014 During the tenure of Manmohan Singh government, gas cylinders and many more...
Read in detail

We Are Committed…

The “Akhil Bharatiya Sramik Party” is firmly committed to protecting the fundamental rights, dignity, economic equality, and secure future of: * ordinary citizens, * hardworking workers, * farmers, * economically weaker middle-class families, * unemployed youth, * and socially neglected communities across India. We believe that— the true strength of India lies in its hardworking people, not merely in powerful economic groups that have continued to exercise disproportionate influence over policies and systems for decades. Today, the common citizen of this country is struggling with: * rising inflation, * unemployment, * insecurity, * commercialization of education and healthcare, * and growing social division. At the same time, the increasing dominance of money power, large-scale political marketing, massive event-driven campaigns, and unequal access to resources has widened the distance between democracy and ordinary people. We strongly believe that— > the purpose of democracy should not be to protect the interests of a privileged few, > but to safeguard the rights, dignity, and opportunities > of the 95% hardworking citizens who form the backbone of this nation. Unfortunately, politics based on caste, religion, community, class, race, and fear has continued to deepen social division and hostility within society. And the greatest burden of this division is ultimately carried by: * workers, * farmers, * small traders, * unemployed youth, * and economically vulnerable families. We also believe that— independent journalism, lawyers who defend constitutional rights, and social voices that speak truth in the public interest are among the strongest pillars of democracy. Those who raise their voice for justice, protect constitutional values, and stand with the people must receive dignity, institutional protection, and security. The “Akhil Bharatiya Sramik Party” believes in a politics where: * society comes before power, * public welfare comes before propaganda, * humanity comes before division, * and labor is respected before wealth. Our commitment is to: * bridge the gap between organized and unorganized workers, * strengthen economic equality, * make education and healthcare fundamental rights, * ensure dignity and security for workers and farmers, * provide opportunity and representation for youth, * and make democracy more accountable to the people. The time has now come for workers, farmers, students, journalists, lawyers, youth, and aware citizens of India to unite together for the construction of a more just, equal, and people-centered nation. We appeal to all citizens: * Join this movement * Raise your voice * Bring more people together * And help strengthen this growing public movement > Your support is not merely participation— > it is an investment in the future of coming generations. Jai Hind.

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हमारा वादा / घोषणा पत्र

हम किसके लिए खड़े हैं

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आपका आभार

राम प्रकाश निषाद

दोस्तों “श्रमिक उत्थान एवं सामाजिक कल्याणकारी असोशिएसन” के उल्लेखनीय कार्य को देखते हुए ये आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि इसके उद्‍‍गम से निर्मित पार्टी भी देशहित व जनहित तथा श्रमिकों एवं किसानों के हित में एक नई क्रांतिकारी व्यवस्था स्थापित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अवश्य निभायेगी, मैं देश के सभी श्रमिकों, किसानों व आमजन से आग्रह करता हूँ कि सभी नागरिक एक जुट होकर इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें और आर्थिक रूप से सहियोग कर आप पार्टी को मजबूत बनाये व स्वयं सेवक बने तथा इसकी सदस्यता भी ग्रहण करें, ताकि इससे पार्टी भी मजबूत होगी तथा इसका मनोवल भी ऊंचा होगा, जिसका लाभ आप सभी को ही मिलेगा।
आपका बहुत-बहुत आभारी
– धन्यवाव

राम प्रकाश निषाद   -   कार्यकारणी सदस्य
अ‍जय कुमार

भाइयों नमस्कार मैंने “श्रमिक उत्थान एवं सामाजिक कल्याणकारी असोशिएसन” के उल्लेखनीय कार्य को देखा ही नहीं बल्कि इससे हम और हमारे गरीब श्रमिक भाइयों और घर काम करने वाली महिलायें भी लाभांवित भी हुई अब आप पूंछेंगे कि संस्था ने आप के लिये क्या किया हम सभी एक बिल्डर समूह द्वारा ठग के शिकार हुये जिनकी न तो पुलिस शिकायत लिख रही थी और न गिरफ्तारी करने की सोंच रही थी, तब संस्था ने हमारी शिकायत लिखवायी इतना ही नहीं बल्कि उन्हे जेल भी भिजवाया, इस लिये हम पूर्ण विश्वास के साथ कह सकतें हैं कि इसके उद्‍‍गम से जन्मी पार्टी भी देशहित व जनहित तथा श्रमिकों एवं किसानों आदि के हित में एक एक महत्वपूर्ण भूमिका अवश्य निभायेगी, मैं देश के सभी श्रमिकों, किसानों व आमजन से आग्रह करता हूँ कि सभी लोग एक जुट होकर इसमें हिस्सा लें और आर्थिक रूप से भी मद्‍द करें व इसे मजबूत बनाये तथा स्वयं सेवक बने और सदस्यता भी ग्रहण करें, इससे पार्टी भी मजबूत होगी तथा इसका मनोवल भी बढेगा।

अशोक विश्वकर्मा   -   कार्यकारणी सदस्य
त्रिभुवन यादव

साथियों मैं “श्रमिक उत्थान एवं सामाजिक कल्याणकारी असोशिएसन” के उल्लेखनीय कार्य का जो हवाला दूंगा जिसे जानकर आप चौंक जायेंगे क्योंकि उसका लाभ मैंने ही नहीं आपने भी लिया है जिससे आप आज तक नहीं जानते है आप उसे वर्तमान केंद्र की सरकार के उल्लेखनीय कार्य के रूप में ही जानते हैं बल्कि ऐसा कतई नहीं है, इस उल्लेखनीय कार्य का श्रेय संस्था के अध्यक्ष श्री रवि जी. निगम को जाता है, अब आप ये जानने के लिये उत्सुक हो रहे होंगे कि आखिर ऐसा कौन सा कार्य है जिसे सरकार ने क्रियांवित किया, अब आप जानकर हैरान होंगे कोरोनाकाल के दौरान जब अचानक लॉकडाउन लगा दिया था तब सरकार के पास कोई रास्ता नहीं था कि प्रवासी मजदूरों को और अपने घरों से दूर फसें लोगो को उनके घरों तक कैसे पहुंचाया जाये, तब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देशवासियों को ये अश्वासन दिया था कि जो जहाँ है वो वहीं बना रहे हमें अपने आपको सुरक्षित रखना है, आप राशन की चितां मत करे हमारे पास एक साल तक का भण्डार है क्या ये बात सच नहीं है?

लेकिन ये भी याद होगा कि दिन-ब-दिन हालात बद से बद्‍तर होते जा रहे थे लोग वापस अपने परिजनों के पास जाना चाह रहे थे उधर परिजन भी अपनों से दूर होने के कारण चिंतित थे लेकिन सरकार इसे नज़रंदाज कर रही थी क्योंकि उसके पास कोई विकल्प नहीं था उसे डर था कि यदि ट्रेन या बस शुरू की तो भीड़ जमा होगी और भीड़ जमा होगी तो हालात और भी नाज़ुक हो जायेंगे इस लिये जो जहाँ है उसे कैसे भी करके वहीं रोके रखा जाये, लेकिन घरों दूर पड़े प्रवासी मजदूर और आमजनों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी उधर सरकार सुध लेने को भी नहीं तैयार थी लोगों को खानें किल्लत भी बढ़ती जा रही थी ऐसे समय में स्वयंसेवी संस्थाओं ने ही खाने-पीने व्यवस्था की सरकार ने नहीं और जिसका कुछ इस तरह से दिखा कि लोग अपने घरों की ओर जाने की कूंच कर गये पहली घटना तो गुजरात से ही शुरू हुई उसके बाद मुम्बई के बांद्रा स्टेशन के पास देखी गयी।

जबकि श्री रवि जी. निगम ने लॉकडाउन के पांच दिनों बाद ही इसका अंदेशा संस्था के समाचार पोर्टल के संपादकीय के माध्यम से जता दिया था लेकिन के कान में जूं तक नहीं रेंगी, वहीं 14 अप्रैल 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व गृहमंत्री अमित शाह जी को व पीएमऑ को तथा विपक्ष के नेता आदि को श्री रवि जी. निगम द्वारा ईमेल के जरिये ट्रेन शुरू करने तथा प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत काम देने का (SOP) सुझाव भेजा गया और वहीं बांद्रा की घटना भी इसी दिन घटी थी, तब जाकर 15 अप्रैल को गृहमंत्री की ओर मनरेगा का एक सुझाव मान लिया गया व मई में ट्रेन शुरू करने की खबर आ गयी, इतना ही नहीं पहले कोरोना का सारा प्रबंधन सिर्फ प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ही देख रहे थे, जिसका श्री निगम ने विरोध न करते हुए एक “आपदा प्रबंधन समिति” के गठन करने की मांग की जिसमें उल्लेख किया गया कि इस कमेटी में सिर्फ गैर राजनीतिक व्यक्तियों को ही रखा जाये, ताकि बिना किसी राजनीति के योजना को सफल बनाया जा सके व मनमानी पर लगाम लगाई जा सके, लेकिन इसे भी कियांवित करने के लिये सुप्रीम कोर्ट को भी पत्र लिखा गया तब बामुसकिल ये कियांवन में आ सकी लेकिन इसकी कमान सत्ताधारी नेताओं के हाथ में रही, जिसका दुष्परिणाम भी दिखा। ये है पर्दे के पीछे रहकर किया गया काम इसी लिये सरकार ने श्रमिक नाम से ट्रेन शुरू की झाण्डा सरकार व बीजेपी के लोगों ने हिला-हिला कर ट्रेन रवाना की लेकिन श्री रवि जी, निगम को एक प्रशस्ति पत्र देने तक की हिम्मत नहीं जुटाई, जिनकी वजह से देश के भीतर ही नहीं विदेशों से भी नागरिकों को लाना संभव हो पाया और एक बड़ी त्रासदी से बचाया जा सका गया अन्यथा मौतों का आकड़ा ही नहीं आर्थिक त्रासदी से भी बचने में भी सफल हुए, नहीं तो जो जीडीपी माइनस 22-24 तक ही पहुंची थी तो न जाने कहाँ जाकर थमती।

आप सभी से निवेदन कि देश के सभी श्रमिक भाई, किसान भाई व सभी नागरिक एक जुट होकर इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें और आर्थिक रूप से सहियोग कर पार्टी को मजबूत बनाये व स्वयं सेवक बने एवं सदस्यता भी ग्रहण करें, इससे पार्टी भी मजबूत होगी तथा इसका मनोवल भी बढ़ेगा, जिसका फायदा हम सभी को क्रांतिकारी योजनाओं के रूप में मिल सकेगा।
– धन्यवाद

त्रिभुवन यादव   -   कार्यकारणी सदस्य
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हमारी जनसेवक टीम

जनसेवक

एड. रवि जी. निगम

राष्ट्रीय अध्यक्ष

दोस्तों इस पार्टी का उद्‍गम ही एक सामाजिक सांस्था से हुआ है जिसका लक्ष्य ही श्रमिकों के मध्य संगठित और असंगठित के मानक को समाप्त करना, किसानों को सीधे ग्राहकों से जोड़ना तथा उनकी फसल को सुरक्षित भाण्डारण हेतु 10 किलोमीटर के परिधि में भण्डार गृह एवं फसलों के लिये सस्ती खाद व छोटे किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज उपलब्ध कराना, देश के युवाओं के उज्वल भविष्य को लक्षित करते हुए योग्यता के अनुरूप रोजगार का सृजन करना, साथ ही सभी के लिये उत्तम शिक्षा एवं चिकित्सा की व्यवस्था प्रदान करना, तथा जनहित में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने हेतु नये नियम व कानून प्रावधानित कर एक सरल सुगम व्यवस्था प्रदान करना, ताकि जिससे आमजन आर्थिक संपन्न बन सके, जो एक विकसित राष्ट्र का परिचायक होता है, न कि नारों और जुमलों से... ये सपना हमारा नहीं आपका है क्या आप इसे पूर्ण करने में हमारा साथ देंगे ? इस मुहिम में आप सभी का स्वागत है आओ मिलकर जाति, धर्म, नस्ल, वर्ग के भेद-भाव व एक दूसरे के प्रति नफ़रत को मिटाकर एक नये अखण्ड भारत का निर्माण करें।

Public Administration 98%
Human Rights 89%
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जन संदेश

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